गैरी कर्स्टन का खुलासा- “सचिन तेंदुलकर ने 2007 में बना लिया था संन्यास लेने का मन”

By | 18/06/2020

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के सफल करियर से तो सभी वाकिफ हैं। 16 साल की उम्र में क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सचिन को उनके सानदार करियर के लिए जाना जाता है। जब भी सचिन को उनके खेल के लिए क्रिटिसाइज किया जाता था, तब-तब सचिन शतक लगाकर सबका मुंह बंद कर देते थे लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम (Indian cricket Team) के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन ( Gary Kirsten) ने भारत के साथ अपने कोचिंग के समय को एक बार फिर से याद करते हुए एक बड़ा खुलासा किया।

सचिन 2007 में लेना चाहते थे संन्यास…..

भारतीय टीम (Indian Team) ने अपनी मेजबानी में 2011 में जब विश्व कप (World Cup) जीता था तो कर्स्टन (Gary Kirsten)उस समय टीम के कोच थे। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के साथ अपने संबंधों पर भी बात की। गैरी कर्स्टन ने खुलासा किया कि “सचिन अपनी बल्लेबाजी क्रम से खुश नहीं थे और 2007 में उन्होंने अपने करियर का अंत करने का मन बना लिया था। ”

कर्स्टन ने टॉकस्पोर्ट्स के पॉडकास्ट में कहा कि “उनके साथ मेरी कोचिंग यात्रा शानदार रही। अगर मैं उस समय के सचिन तेंदुलकर की बात करूं, जब मैं भारत आया तो वो संन्यास लेने का मन बना चुके थे। ”

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उन्होंने कहा कि “सचिन अपने क्रम पर बल्लेबाजी नहीं कर रहे थे, वह अपने क्रिकेट का बिल्कुल भी आनंद नहीं उठा रहे थे।”

गौरतलब है कि कर्स्टन ने मार्च 2008 में भारतीय टीम की कोचिंग पद की जिम्मेदारी संभाली थी और 2011 में उनके कोच रहते हुए ही भारत ने विश्व कप जीता था। 2007 ऐसा कठिन समय था जिसमें वेस्टइंडीज में हुए वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ग्रुप चरण से बाहर हो गई थी।

कर्स्टन ने कहा “मैंने सिर्फ यही किया कि खिलाडियों को ऐसा माहौल दिया जाए कि वह प्रदर्शन करने को बेकरार हो। मैंने सचिन से कुछ नहीं कहा। वह अपने खेल को जानते थे। उन्हें सिर्फ माहौल की जरूरत थी। सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि पूरी टीम को। ऐसा माहौल जहां सब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।”

गैरी कर्स्टन के कोच रहते सचिन ने बनाए अथाह रन….

2008 में भारतीय टीम की कोचिंग पद की जिम्मेदारी संभालने वाले गैरी ( Gary Kirsten) ने टीम को नए मुकाम पर पहुंचाया। उनके कार्यकाल के दौरान खुद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर 9Sachin Tendulkar) ने 38 वनडे मैचों में 1,958 रन बनाए थे। इसमें सात शतक (एक दोहरा शतक भी) शामिल है। उसी दौरान सचिन ने 31 टेस्ट मैचों में 12 शतकों सहित 2910 रन बनाए थे। कर्स्टन ने कहा कि तीन साल बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18 शतक लगाए।

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