नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में हरभजन सिंह की सलाह काम आयी:मोहम्मद कैफ

By | 20/07/2020

2002 नेटवेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान में मिली यादगार जीत के बाद भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी शर्ट उतारकर हवा में लहरा दी थी और यह लम्हा भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यादगार बन गया। मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने उस मैच को याद कर बताया है कि किस तरह हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल के दौरान उस संकट के समय उनकी मदद की थी।

कैफ ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखे अपने कॉलम में कहा कि, ”मुझे याद है कि मैंने रोनी ईरानी (Ronnie Irani) की गेंद पर छक्का लगाया था। लेंथ ज्यादा नहीं थी, लेकिन बस मैंने रिऐक्ट कर दिया था। ईरानी ऐसे गेंदबाज थे, जो 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकते थे। लेकिन यह एक तेज गेंदबाज का एटीट्यूड होता है। मुझे लगता है कि खेल में हम दोनों एक जैसे हो गए थे।”

उन्होंने आगे कहा, ”मैंने हरभजन से अपना नेचुरल गेम खेलने के लिए कहा। मैं किसी को कंफ्यूज नहीं करना चाहता था, लेकिन भज्जी ने उस क्षण मेरी मदद की। मैंने पॉल कॉलिंगवुड ( Paul Collingwood) की गेंद को खेला। गेंद इनसाइड ऐज लेती हुई फाइन लेग पर चली गई। हमने दो रन लिए। तब भज्जी ने मुझे कहा कि क्या कर रहा है, हर गेंद पर रन लो, स्कोरबोर्ड को देखो। मुझे लगा वह ठीक थे। मुझे गेंद को देखकर खेलना चाहिए था।”

उन्होंने बताया, ”अंतिम 4 ओवरों में 25 रन की जरूरत थी। डेरेन गॉफ पर कप्तान नासिर हुसैन बहुत ज्यादा भरोसा करते थे। मैंने उनके ओवर में दो चौके लगाए, लेकिन तब भी मैं जानता था कि मैच खत्म नहीं हुआ है। तब फ्लिंटॉफ ने भज्जी को आउट कर दिया। अनिल कुंबले अंपायर के गलत फैसले के कारण पवेलियन लौट गए।”

कैफ ने कहा, ”48वें ओवर की अंतिम गेंद तक हमें जीत के लिए छह रनों की जरूरत थी। मैंने गॉफ की गेंद को लिफ्ट किया। गेंद थर्ड मैन पर चौके के लिए चली गई। तब भी मैं जीत के प्रति आश्वस्त नहीं था। जहीर ने दो डॉट बाल खेलीं। मैं ड्रेसिंग रूम में आशीष नेहरा (Ashish Nehra) को बैठे देख सकता था। मेरे मन में हार का डर था। तीसरी गेंद पर जहीर (Zaheer Khan) ने सिंगल लिया। ओवर थ्रो हुई और एक पैनिक रन लिया गया और इस तरह भारत ने दो विकेट से मैच जीत लिया।”

मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) और युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने इस मैच में भारत को जीत दिलाई थी। इन दोनों ने इंग्लैंड द्वारा दिये गए 326 रन के बड़े से लक्ष्य को बौना साबित कर दिया था।

यह भी पढ़ें:साल 2008 में सिडनी टेस्ट के दौरान स्टीव बकनर ने की थी दो गलतियां

हालांकि मैच के बीच मे ही युवराज सिंह 60 के निजी स्कोर पर कैफ का साथ छोड़ कर चले गए थे। कैफ ने अंतिम क्षणों इंग्लिश गेंदबाजों का सामना किया और भारतीय टीम को जीत दिलाकर कर ही माने।

Hindi Cricket News, Dream 11 Prediction और मैच रिजल्ट्स की खबरों के लिए CRICKHABARI के टेलीग्रामचैनल को ज्वॉइन करें। हमें फेसबुक, ट्विटर, Pinterest, और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *