हरभजन सिंह ने बताया कि किस कप्तान की वजह से बने वह “निडर स्पिनर”

By | 18/06/2020

टीम इंडिया के बेहद सफल स्पिनरों में से एक हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) भी रहे हैं और उन्होंने भारत के लिए अपने करियर में शानदार प्रदर्शन किया है। भज्जी बेहद आक्रामक क्रिकेटर थे और अपनी गेंदबाजी से अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को परेशान किया है। अनुभवी ऑफ स्पिनर ने मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) के कप्तान बनने पर सबसे पहले टीम में जगह बनाई और सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के नेतृत्व में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

हरभजन (Harbhajan Singh) 2007 टी20 विश्व कप विजेता टीम और 2011-विश्व कप विजेता टीम में एमएस धोनी (MS Dhoni) की कप्तानी में भी टीम का हिस्सा थे। उन्होंने राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) की कप्तानी में भी अपने खेल से टीम को सहयोग दिया तो वहीं अनिल कुंबले (Anil Kumble)और विराट कोहली (Virat kohli) की कप्तानी में भी खेला है। इन सभी कप्तानों के साथ खेलने वाले हरभजन सिंह ने अब बताया है कि वो कौन से कप्तान है जिन्होंने उन्हें निडर स्पिनर बनाया।

करियर पर किस कप्तान का सबसे अधिक प्रभाव रहा…

पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) के साथ बातचीत के दौरान जब उन्होंने हरभजन सिंह (Harbhajan Singh ) से पूछा कि उनके करियर पर किस कप्तान का सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है? इस सवाल का जवाब देते हुए 39 वर्षीय खिलाड़ी ने गांगुली का नाम लिया। उन्होंने कहा “मेरे लिए, सौरव गांगुली की भूमिका बहुत बड़ी थी। मैं एक बार जीवन में एक ऐसी अवस्था में था जहाँ मुझे नहीं पता था कि कौन मेरे साथ है और कौन नहीं है। क्योंकि मेरे चेहरे पर लोग कह रहे थे कि वे मेरे साथ हैं, लेकिन उनमें से कई उस समय मेरे साथ नहीं थे।”

यह भी पढ़ें: बर्थडे स्पेशल: मोईन अली के बारे में अनसुने तथ्य एवं रिकॉर्ड्स

भज्जी (Harbhajan Singh )ने आगे कहा “सौरव गांगुली ने मुझे उस समय समर्थन दिया जब मेरे पास शून्य समर्थन था। चयनकर्ता मेरे खिलाफ थे। उन्होंने बहुत-सी बातें मेरे सामने कीं, जिन्हें मैं नहीं बता सकता। मेरे लिए गांगुली की तारीफ के लिए शब्द नहीं हैं। यदि वह कप्तान न होते तो मैं कह नहीं सकता कि दूसरा कप्तान मुझे सपोर्ट करता या नहीं।”

गांगुली ने निडर स्पिनर बनाया….

सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की तारीफ करते हुए हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने कहा ”अगर सौरव गांगुली नहीं होते तो मैं कभी 100 टेस्ट नहीं खेल पाता। गांगुली हमेशा गेंदबाजों के साथ खड़े रहे। वह गेंदबाजों को मर्जी से गेंदबाजी की छूट देती थे।”

उन्होंने कहा, ”यदि आप कैच पकड़ने के लिए 4-5 फील्डर सामने चाहते हैं तो गांगुली वही करते थे। कभी-कभी वह वनडे में 6-7 ओवर फिंकवाते। मैं उनका शुक्रिया अदा करते। उन्होंने मुझे एक अच्छे गेंदबाज के रूप में तैयार किया। उनकी वजह से ही मैं साहसी और भरोसे का निडर स्पिनर बन पाया।”

Hindi Cricket News, Dream 11 Prediction और मैच रिजल्ट्स की खबरों के लिए CRICKHABARI के टेलीग्राम चैनल को ज्वॉइन करें। हमें फेसबुक, ट्विटर, Pinterest, और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *