परिस्थितियों और मेरी क्षमता में आत्मविश्वास की कमी ने मुझे रोहित शर्मा की तरह बल्लेबाजी करने की अनुमति नहीं दी: सुनील गावस्कर

By | 24/08/2020

भारतीय क्रिकेट इतिहास के टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज पूर्व क्रिकेटर सुनील गवास्कर ने टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए कहा है कि वह रोहित शर्मा के जैसे आक्रमक सलामी बल्लेबाज बनना चाहते थे।

सुनील गावस्कर, जो अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक थे। ऐसे में उनकी ये बात कहना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़े सम्मान की बात होगी। भारत के सीमित ओवरों के उप-कप्तान रोहित शर्मा को हाल ही में पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के सबसे प्रमुख बल्लेबाजों में से एक होने के लिए प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मुंबई के इस खिलड़ी के लिए सबकी कामना जारी है कि ये बल्लेबाज और कई रिकार्ड बनाएगा।

2015 की शुरुआत से रोहित का 97 वनडे पारियों में 62.36 का औसत और 95.44 का स्ट्राइक रेट है। इस दौरान उन्होंने 24 शतक जड़े हैं। वह एकमात्र बल्लेबाज हैं जिसने वनडे फॉर्मेट में तीन दोहरे शतक जड़े हैं।

गावस्कर का भी वनडे ओपनर के रूप से सफल करियर रहा है। उनका 108 मैचों में 35.13 का औसत और 62.26 का स्ट्राइक रेट है।इंडिया टुडे से बात करते हुए, गावस्कर ने कहा, ” जिस तरह से आप रोहित शर्मा को एक दिवसीय क्रिकेट में बल्लेबाजी करते हुए देख रहे हो और टेस्ट क्रिकेट में पहले ओवर से ही आक्रमक रूप में खेलना काफी अलग अंदाज है।

गावस्कर ने कहा,  मुझे 125 टेस्ट और 108 एकदिवसीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। गावस्कर ने आगे कहा कि परिस्थितियों ने उन्हें रोहित की तरह बल्लेबाजी करने की अनुमति नहीं दी। साथ ही निश्चित रूप से मेरी क्षमता में आत्मविश्वास की कमी के कारण मैं ऐसा नहीं कर सका।

उन्होंने कहा कि लेकिन जब मैं अगली पीढ़ी को ऐसा करते हुए देखता हूं तो मुझे बेहद खुशी होती है। मुझे अगली पीढ़ी को देखना बहुत पसंद है क्योंकि वहां आप प्रगति और नया अंदाज देखते हैं। आप देख रहे हैं कि कैसे भारतीय क्रिकेट के दिग्गज अगली पीढ़ी के लिए गति तय कर रहे हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में रोहित को देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न देने की घोषणा की गई है। बता दें कि रोहित शर्मा यह सम्मान पाने वाले भारत के चौथे क्रिकेटर होंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली यह पुरस्कार हासिल कर चुके हैं।

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