धोनी का कप्तानी स्टाइल थी द्रविड़ और गांगुली का मिश्रण: लालचंद राजपूत

By | 30/06/2020

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket team) के महान कप्तानों की जब बात होती है तो इसकी शुरुआत होती है सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) से और इस महानता की लेगसी को महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अपने चरम पर पहुंचाया। गांगुली ने यंग टीम इंडिया की नींव रखी तो धोनी ने इस यंग टीम इंडिया को चैम्पियन बनाया।

2007 का टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 का वनडे वर्ल्ड कप, 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी, 2008 की ऑस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज और 2010 का एशिया कप भारत को जितवाने वाले महेंद्र सिंह धोनी के युग को भारतीय क्रिकेट का स्वर्ण युग कहा जा सकता है। साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर रहे लालचंद राजपूत (Lalchand Rajput) ने अब एमएस धोनी (MS Dhoni) और सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की कप्तानी में समानता बताई है।

गांगुली और द्रविड़ का मिश्रण हैं धोनी….

साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर रहे लालचंद राजपूत (Lalchand Rajput) ने धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को चैम्पियन बनते देखा था। अब उन्होंने धोनी की कप्तानी को भारत के लीजेंड सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) की कप्तानी का मिश्रण बताया है। उन्होंने कहा “सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को बदलने का काम किया था और धौनी ने 2007 के बाद से उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम किया था। धोनी की कप्तानी शैली गांगुली और द्रविड़ दोनों के संयोजन की तरह लगती है।”

राजपूत (Lalchand Rajput) ने स्पोटर्सक्रीड़ा से बातचीत करते हुए कहा “धोनी की कप्तानी की शैली सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की कप्तानी का मिश्रण थी। गांगुली खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देते थे और उन्होंने भारतीय टीम की मानसिकता में बदलाव किया और मुझे लगता है कि धोनी इसी चीज को लेकर आगे गए। अगर धोनी को लगता कि किसी खिलाड़ी में काबिलियत है, वो उन्हें पूरे मौके देने की कोशिश करते थे और उनकी कमियों को दूर करने में उनकी सहायता करते थे।”

यह भी पढ़ें: भारत में टिक टॉक पर लगा बैन तो अश्विन ने लिए डेविड वार्नर के मजे

उन्होंने कहा “ईमानदारी से कहूं तो धोनी अपने रिल और रियल लाइफ दोनों में काफी शांत रहते हैं। एक कप्तान को मैदान पर रहते हुए फैसले लेने होते हैं और वो दो कदम आगे की सोचते हैं। एक चीज जो मुझे उनकी अच्छी लगती है कि वो सोचने वाले कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली का मिश्रण है।

धोनी करते थे युवा खिलाड़ियों पर भरोसा…

लालचंद राजपूत (Lalchand Rajput) ने धोनी की कप्तानी की तारीफ की और कहा ”धोनी यदि किसी भी खिलाड़ी में थोड़ी सी भी क्षमता देखते तो उसे जरुर मौके देते थे। धोनी कभी मैदान पर कुटिल एक्शन नहीं लेते थे बल्कि उस माहौल के अनुसार अपने निर्णय लेते थे। यही बात खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती थी।’

आपको बता दें कि 2007 में बहुत से सीनियर खिलाड़ियों को किनारे करते हुए महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया। राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) इंग्लैंड दौरे के बाद कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी वनडे के भी कप्तान बन गए। कुंबले (Anil Kumble) के रिटायरमेंट के बाद टेस्ट टीम की कप्तानी भी धोनी के हाथ में आ गई। धोनी ने अपने नेतृत्व में टीम इंडिया को सफलता की ऊचाइंयों तक पहुंचाया। धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद अब विराट कोहली (Virat Kohli) टीम की कमान संभाल रहे हैं।

Hindi Cricket News, Dream 11 Prediction और मैच रिजल्ट्स की खबरों के लिए CRICKHABARI के टेलीग्राम चैनल को ज्वॉइन करें। हमें फेसबुक, ट्विटर, Pinterest, और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *