धोनी की 3 ऐसी परियाँ जिसने फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया

By | 06/08/2020

टीम इंडिया के मध्य क्रम के विकेट-किपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) ने कई ऐसी परिया खेली है। जिसमे वो हारते हुए मैच को भी जीत लिया है। धोनी जब भी बल्लेबाजी करने आते थे, तो वह परिस्थितियों को देखकर ही सही रणनीति बना कर बल्लेबाजी करते है। और विरोधियों के लिए समस्या का विषय बनते थे।महेन्द्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) ने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया फिर उसके बाद 2007 में वनडे की कप्तानी संभाली और टीम इंडिया को क्रिकेट के हर एक फार्मेट में विश्व मे नंबर एक टीम बनाया और साथ ही 2 विश्व कप भी जिताया जिसमे उन्होंने 2007 में टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड-कप और 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्डकप भी जिताया

आइए जानते है महेंद्र सिंह (Mahendra singh dhoni) की तीन सबसे बेहतरीन परिया

1.2013 की ट्राई सीरीज :

साल 2013 में वेस्टइंडीज में ट्राई सीरीज खेली गई थी जिसका फ़ाइनल मैच श्रीलंका के साथ था। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की और 201 रन बनाया उसके बाद भारतीय टीम ने बल्लेबाजी करते हुए 139 पर 4 विकेट गवा दिया उसके बाद महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) बल्लेबाजी करने आये और उन्होंने बढ़ी सूझ बूझ से बल्लेबाजी करते हुए मैच को आखिरी ओवर तक ले गए और आखिरी ओवर में 15 रन चाहिये थे, जिसमें उन्होंने 2 छक्के और 1 चौके की मदद से मैच को जीत लिया।

2. साल 2013 का इंडिया आउट ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट मैच :

साल 2013 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला चेन्नई में खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 380 रन बनाए। भारत की ओर से विराट कोहली ने शतक जड़ा, लेकिन 406 के स्कोर तक टीम ने आठ विकेट गंवा दिए थे। मगर धोनी ने एक छोर संभाले रखा और अपना पहला मैच खेल रहे भुवनेश्वर कुमार (Bhuvaneshvar kumar)के साथ 140 रनों की साझेदारी निभाई और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। धोनी ने 265 गेंदों में 24 चौके और छह छक्कों की मदद से 224 रन बनाए। यह टेस्ट क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी की सबसे बड़ी पारी है। भारत ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। भारत ने आठ विकेट से इस मैच को जीता।

3. 2011 का वर्ल्डकप :

साल 2011 का वर्ल्डकप फाइनल भला किसको याद नही होगा। यह मैच भारत और श्रीलंका के बीच मुम्बई कर वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था। जिसमे श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 275 रन बनाया और जबाब में भारतीय टीम की सुरुआत कुछ खास नही थी। और 22 ओवर में 114 रन पर 3 विकेट गवा दिया ।फिर उसके बाद महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) बल्लेबाजी करने आये और पहले गौतम गंभीर (Gautam gambhir) के साथ 109 रनों की साझेदारी की और फिर युवराज सिंह (Yuvraj singh) के साथ 54 रनों की नाबाद साझेदारी करते हुए भारत को 28 साल बाद वर्ल्ड कप जिताया। धोनी ने 79 गेंदों में आठ चौके और दो छक्कों की मदद से नाबाद 91 रन बनाए।

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