सचिन ने किया खुलासा कैसे मिली टी-20 वर्ल्ड कप में धोनी को कप्तानी

By | 19/08/2020

महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेने के बाद खिलाड़ी और उनके चाहने वाले प्रशंसक लगातार अपनी यादे साझा कर रहे है। इसमें से क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin tendulkar) ने भी धोनी से एक घटना का जिक्र किया और उन्होंने बताया कि धोनी 2007 टी-20 वर्ल्ड कप में कैसे कप्तान बने।

सचिन (Sachin) ने कहा कि स्लिप पर खड़ा होकर धोनी (Dhoni) के अंदर मैजूद क्रिकेट कौशल को परखने के अच्छा मौका मिला जिससे उन्हें लगा कि धोनी (Dhoni) कप्तानी के लिए तैयार है। और फिर 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप में कप्तान के तौर पर सचिन तेंदुलकर (Sachin tendulkar) से सलाह मांगी गई तो उन्होंने विकेट किपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) का नाम सुझाया था।

तेंदुलकर (Sachin), सौरव गांगूली (Saurabh ganguly), और राहुल द्रविड़ (Rahul dravid) ने उस साल पहले आईसीसी टी-20 विश्व कप में जूनियर खिलाड़ियों को मौका देने का निर्णय किया और बीसीसीआई ने तब मास्टर ब्लास्टर से कप्तानी के लिए अपनी पसंद बताने के लिए कहा था।

तेंदुलकर ने हाल में संन्यास लेने वाले पूर्व भारतीय कप्तान के बारे में पीटीआई को दिए गए साक्षात्कार में कहा, ‘मैं इसके विस्तार में नहीं जाऊंगा कि यह कैसे हुआ, हां लेकिन जब मुझसे बीसीसीआई के शीर्ष पदाधिकारियों ने पूछा तो मैंने बताया कि मैं क्या सोचता हूं।’

उन्होंने कहा, ‘मैंने कहा था कि मैं दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर नहीं जाऊंगा क्योंकि मैं तब कुछ चोटों से परेशान था। लेकिन तब मैं स्लिप कॉर्डन में क्षेत्ररक्षण करता था और धोनी (Dhoni)से बात करता रहता था, मैं देखता था कि वह क्या सोच रहा है। क्षेत्ररक्षण कैसे होना चाहिए जैसे तमाम पहलुओं पर मैं उससे बात करता था।’

तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने उसकी मैच की परिस्थितियों के आकलन करने की क्षमता देखी और इस नतीजे पर पहुंचा कि उसके पास बहुत अच्छा क्रिकेटिया दिमाग है, इसलिए मैंने बोर्ड को बताया कि मुझे क्या लगता है। धोनी को अगला कप्तान बनाया जाना चाहिए।’ तेंदुलकर ने कहा कि वह धोनी की हर किसी को अपने फैसले के लिए मना देने की क्षमता से प्रभावित थे।

उन्होंने कहा, ‘मैं जो कुछ सोच रहा था और उसकी जो सोच थी, वह काफी हद तक मिलती जुलती थी। अगर मैं आपको किसी बात के लिए मना लेता हूं तो हमारी राय एक जैसी हो जाएगी और धोनी के साथ यह बात थी। हम दोनों एक तरह से सोचते थे और इसलिए मैंने उनके नाम का सुझाव दिया।’

धोनी को 2008 में तब टेस्ट कप्तानी सौंपी गई थी जब भारतीय टीम में तेंदुलकर (tendulkar), राहुल द्रविड़ (Rahul dravid), वीवीएस लक्ष्मण (Vvs laxman), वीरेंद्र सहवाग (Virendra sehwag), हरभजन सिंह (Harbhajan singh) और जहीर खान (Zaheer khan) जैसे सीनियर क्रिकेटर शामिल थे। तेंदुलकर से पूछा गया कि धोनी सीनियर खिलाड़ियों को कैसे साथ लेकर चलते थे, उन्होंने कहा, ‘मैं केवल अपनी बात कर सकता हूं कि मेरी कप्तान बनने की कोई इच्छा नहीं थी। मैं आपसे यह कह सकता हूं कि मैं कप्तानी नहीं चाहता था और मैं टीम के लिए हर मैच जीतना चाहता था।’

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