सहवाग के लिए सचिन को छोड़नी पड़ी थी ओपनिंग:अजय रात्रा

By | 17/07/2020

मुल्तान का सुल्तान कहे जाने वाले पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज विरेंद्र सहवाग ( Virendra Sehwag) के नाम कई शानदार विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं।गांगुली (Sourav Ganguly) ने ही सहवाग की प्रतिभा को परखा और उन्हें ओपनिंग करने का मौका दिया। लेकिन सहवाग की सफलता में जितना हाथ गांगुली का है उतना ही सचिन तेंदुलकर ( Sachin Tendulkar) का भी है।

भारत के पूर्व क्रिकेटर रहे अजय रात्रा ( Ajay ratra) ने बताया कि किस तरह भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने वीरू के लिए ओपनिंग पद का त्याग किया था।

हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज अजय रात्रा ( Ajay ratra) ने बताया कि उस समय सचिन बतौर ओपनर बेहतरीन लय में थे। लेकिन सहवाग को पारी की शुरुआत करनी थी। इसी वजह से सचिन को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने का प्रस्ताव दिया गया।

सचिन द्वारा ओपनिंग छोड़ने के पश्चात सहवाग ने सौरव गांगुली के साथ पारी की शुरुआत करनी शुरू की। दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों की रणनीति के तहत दोनों ने पारी की कमान संभाली थी। रात्रा ने कहा कि अगर सचिन नंबर चार पर खेलने के लिए तैयार नहीं होते। तो सहवाग मध्यक्रम में ही बल्लेबाजी करते। सचिन ने सहवाग के लिए अपने क्रम को छोड़ा और उसके बाद वीरू का असली खेल दुनिया के सामने आया।

पहली बार गांगुली ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 26 जुलाई 2001 को सहवाग से ओपनिंग कराने का जोखिम भरा फैसला लिया था। उस मैच में सहवाग ने बतौर ओपनर पावरप्ले में बल्लेबाजी की परिभाषा ही बदल डाली। वो पहली ही गेंद से विपक्षी गेंदबाजों पर टूट पड़ते।

पहली बार ओपनिंग करते हुए सहवाग ने 33 गेंद पर 54 रन की पारी खेली थी। हालांकि वीरू की बेहतरीन पारी की बदौलत भारत यह मैच हार गया था। लेकिन सचिन के द्वारा किये गए त्याग ने दुनिया के सामने सहवाग के विस्फोटक अंदाज को दिखा दिया। और सचिन का मध्यक्रम में खेलने के फैसला गलत साबित नहीं हुआ।

यह भी पढ़े:कपिल देव को इस भारतीय खिलाड़ी से लगता था डर

दो मैच के बाद ही सहवाग ने महज 70 गेंदों में ही शतक जड़ दिया। इसके बाद सचिन ने चोट से उबरकर वापसी की और सहवाग वापस नीचले क्रम पर पहुंच गए। कुछ समय बाद इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में सहवाग को दोबारा ओपनिंग करने का मौका मिला और उस सीरीज में उन्होंने जमकर रन बनाए। इस सीरीज में उन्होंने दिखा दिया कि वह भारतीय टीम में ओपेनिंग के लिये एकदम परफेक्ट है। इस तरह वह पूर्व कप्तान के भरोसे और सचिन के ओपेनिंग के त्याग वाले फैसले पर खरे उतरे।

उन्होंने अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से बता दिया कि ओपनिंग के असली दावेदार वही हैं। बाद में टीम को संतुलन की जरूरत पड़ी और नए बल्लेबाजों को टीम में जगह मिली। इसके बाद सचिन ने ओपनिंग के क्रम पर वापसी की और सहवाग के साथ मिलकर भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाया।

Hindi Cricket News, Dream 11 Prediction और मैच रिजल्ट्स की खबरों के लिए CRICKHABARI के टेलीग्राम चैनल को ज्वॉइन करें। हमें फेसबुक, ट्विटर, Pinterest, और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *