पिछले एक दशक में ‘SENA’ देशों के खिलाफ बेरंग दिखे भारतीय स्पिन गेंदबाज

By | 11/07/2020

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्पिन गेंदबाजों का बोलबाला शुरुआत से ही रहा है। करीब-करीब हर दौर में विदेशी टीमें भारतीय स्पिनरों से खौफ खाती रही हैं। लेकिन पिछले एक दशक में 1 जनवरी 2010 से 31 दिसंबर 2019 की बात की जाये तो एशिया से बाहर विदेशी धरती पर भारतीय स्पिनर की गेंदबाजी फीकी नजर आती है।

पिछले दस साल में भारतीय स्पिनरों का रिकॉर्ड उतना खास नहीं रहा हा जितना कि घेरलू मैदानों पर विदेशी धरती पर साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया (SENA) देशों में स्पिन गेंदबाजी बल्लेबाजों ले आगे बेरंग नजर आयी है।

पिछले एक दशक में स्पिनरों ने क्रिकेट खेलने वाले सभी देशों के खिलाफ कुल मिलाकर प्रति टेस्ट 12.03 विकेट लिए, लेकिन जहां तक ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की बात है तो इन देशों में यह आंकड़ा प्रति टेस्ट 6.4 रह जाता है।

वहीं अगर हम दूसरी तरफ तेज गेंदबाजों की बात करें तो उन्होंने ओवरऑल जहां प्रति टेस्ट 19.20 विकेट लिए, वहीं ‘SENA’ देशों में उन्हें प्रत्येक टेस्ट में औसतन 24.87 विकेट मिले। गौर करने की बात यह है कि 2000 के दशक में स्पिनरों ने कुल मिलाकर प्रति टेस्ट 9.79 विकेट हासिल किए थे और ‘SENA’ देशों में उनका आंकड़ा 6.8 था। इन आंकड़ों के आधार पर साफ जाहिर है कि इन चार देशों में स्पिनरों के प्रदर्शन में गिरावट आई है।

यही नहीं, 2010 के दशक में स्पिनरों ने ‘SENA’ देशों में केवल 40 बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट और पांच बार मैच में दस या इससे अधिक विकेट लिए थे। इससे पहले के दशक में हालांकि स्पिनरों ने ‘SENA’ देशों में 69 बार पांच या अधिक विकेट तथा 13 बार दस या अधिक विकेट हासिल किए थे।

इन चार देशों के खिलाफ (SENA) देशों में स्पिनरों का सबसे अच्छा प्रदर्शन 1970 के दशक में रहा। जब भारतीय स्पिनरों ने प्रति टेस्ट 8.23 विकेट लिए थे।उसके बाद एशिया से बाहर हर दशक में भारतीय स्पिनरों के प्रदर्शन में गिरावट आई।

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अस्सी के दशक में यह आंकड़ा 6.02 और नब्बे के दशक में 6.5 रह गया था। सत्तर के दशक में स्पिनरों का क्रिकेट खेलने वाले सभी देशों में आंकड़ा 10.44 विकेट प्रति टेस्ट था। उसके बाद 2010 के दशक में ही यह आंकड़ा दोहरे अंक में पहुंच पाया।

अगर इन देशों में एशिया के केवल दो स्पिनर इन देशों में विकेटों का शतक लगा पाए हैं। इनमें से कुंबले (Anil Kumble) ने 35 टेस्ट मैचों में 141 विकेट और दिग्गज मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) ने 23 मैचों में 125 विकेट लिए।

इनके बाद बिशन सिंह बेदी (Bishan Singh Bedi) (90 विकेट), मुश्ताक अहमद (Mushtak Ahmad) (84), ईरापल्ली प्रसन्ना (Erapalli Prsanna) (78), दानिश कानेरिया (Danish Kenariya) (75) और भगवत चंद्रशेखर (Bhagwat Chandershekhar) (71) का नंबर आता है।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिन गेंदबाज शेन वार्न (Shane Warne) इन चार देशों के खिलाफ विकेट लेने वाली लिस्ट में सबसे ऊपर है जिन्होंने अपने करियर में 708 विकेट लिए है।इनमें से 558 विकेट इन चार देशों के मैदानों में लिए है। उनके बाद नाथन लियोन (Nathan Lyon)(274 विकेट), डेनियल विटोरी (Danial Vettori) (229), डेरेक अंडरवुड (Derek underwood) (219) और क्लेरी ग्रिमेट (Clarrie Grimmitt) (216) का नंबर आता है।

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