क्रिकेट इतिहास के 5 खिलाड़ी जो आए गेंदबाज बनकर और बन गए महान बल्लेबाज

By | 01/06/2020

क्रिकेट जगत में कई ऐसे महान खिलाड़ी भी देखने को मिले हैं जो बनना तो गेंदबाज चाहते थे या टीम में गेंदबाज के तौर पर आए थे पर किस्मत ने उन्हें महान बल्लेबाज बना दिया। आज हम आपको ऐसे ही पांच विश्व के महान क्रिकेट खिलाडिय़ों के बारे में बताएंगे जो बनने तो गेंदबाज आए थे लेकिन बने महान बल्लेबाज।

सौरव गांगुली:

भारतीय क्रिकेट के दादा कहे जाने वाले सौरव गांगुली ने एक गेंदबाज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। जब रणजी टीम में उनको लिया गया तो उनको बतौर मध्यम तेज गेंदबाज की कमी पूरी करने के लिए लिया गया था। लेकिन आगे जाकर सौरव ने अपनी बल्लेबाजी से वो कमाल कर दिखाया की दुनिया में वे सिक्सर किंग के नाम से भी मशहूर हुए। सौरव आगे जाकर भारतीय टीम के कप्तान भी बने।

बतौर बल्लेबाज उन्होंने 113 टेस्ट मैच खेले जिनमे 42।17 की औसत से 7212 रन बनायए। इसमें 16 शतक और 35 अर्धशतक शामिल थे। वहीं सौरव ने 311 एकदिवसीय मैच खेले हैं जिसमे 22 शतक और 72 अर्धशतक की मदद से 11,363 रन बनाए। उन्होंने एकदिवसीय करियर में कुल 100 और टेस्ट में 32 विकेट अपने नाम किए।

सचिन तेंदुलकर:

क्रिकेट के भगवान और इंटरनेशनल मैचों 100 शतक लगाकर सबको हैरान करने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने एक मध्यम तेज गेंदबाज के रूप में अपने करियर की शुरुआत करना चाहते थे। लेकिन उनके कोच ने उन्हें बल्लेबाजी पर खास ध्यान देने को कहा। उसके बाद का इतिहास दुनिया जानती है।

उन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले जिनमे 53।78 की औसत से 15,921 रन बनाए। इसमें 51 शतक और 68 अर्धशतक शामिल थे। वहीं सचिन ने 463 एकदिवसीय मैच खेले हैं जिसमे 49 शतक और 96 अर्धशतक की मदद से 18,426 रन बनाए। उन्होंने एकदिवसीय करियर में कुल 154 और टेस्ट में 46 विकेट भी अपने नाम किए। उनके यही रिकॉर्ड उन्हें विश्व का सबसे महान बल्लेबाज बनाते हैं।

सनथ जयसूर्या:

श्रीलंका क्रिकेट टीम के एक विस्फोटक और महान बल्लेबाज सनत जयसूर्या क्रिकेट की दुनिया में एक स्पिन गेंदबाज के तौर पर आए थे लेकिन बाद में वे श्रीलंका के महान बल्लेबाजो में शामिल हो गए। उन्होंने 110 टेस्ट मैच खेले जिनमे 40.07 की औसत से 6973 रन बनाए। इसमें 14 शतक और 31 अर्धशतक शामिल थे।

वहीं जयसूर्या ने 445 एकदिवसीय मैच खेले हैं जिसमे 28 शतक और 68 अर्धशतक की मदद से 13,430 रन बनाए। जयसूर्या ने बतौर गेंदबाज भी खासे रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अपने एकदिवसीय करियर में 300 विकेट के क्लब में जगह बनाई। उन्होंने एकदिवसीय करियर में कुल 323 और टेस्ट में 98 विकेट अपने नाम किए।

केविन पीटरसन:

इंग्लैंड की टीम के बेहतरीन बल्लेबाज केविन पीटरसन ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत एक विशेषज्ञ ऑफ स्पिनर के रूप में की थी। लेकिन उन्होंने अपने बल्ले से जो कमाल दिखाया है वो काबिले-तारीफ था और जिसने उन्हें एक शानदार बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। पीटरसन ने 104 टेस्ट मैच में 23 शतक लगाकर 8181 रन बनाए। वहीं उन्होंने136 वनडे मैच खेले जिसमें 9 शतकों की बदौलत कुल 4440 रन बनाए। उन्होंने एकदिवसीय करियर में कुल 7 और टेस्ट में 10 विकेट अपने नाम किए।

माइकल क्लार्क:

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने अपने करियर की शुरुआत एक बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर के रूप में की थी। लेकिन आगे जाकर उन्होंने बल्ले से कई कमाल दिखाए और पूरी तरह से एक बल्लेबाज बन गए और कप्तान भी बने। उन्होंने कुल 115 टेस्ट मैच में 28 शतक लगाकर 8643 रन बनाए। वहीं 245 वनडे में 8 शतक लगाकर क्लार्क ने 7,981 रन बनाए। उन्होंने एकदिवसीय करियर में कुल 57 और टेस्ट में 31 विकेट अपने नाम किए।

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