हरभजन सिंह ने बताया क्यों 2007 वर्ल्ड कप से बाहर हुआ था भारत

By | 15/06/2020

भारतीय टीम के स्पिनर गेंदबाज हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने खुलासा किया है कि 2007 का वर्ल्ड कप उनके करियर का सबसे खराब दौर था। उस दौरान भारतीय टीम के कोच रहे ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज ग्रेग चैपल (Greg Chappell) पर आरोप लगाते हुए कहा है कि, चैपल के अंडर में टीम का माहौल सही नहीं था और खिलाड़ियों को एक-दूसरे के ऊपर विश्वास नही था।

आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) के यूट्यूब चैनल ‘आकाशवाणी’ पर लाइव शो के दौरान उन्होंने बताया कि उनके कोच बन जाने के बाद से पूरी भारतीय टीम बिखर गयी थी। उस दौरान वो जो चाहते थे वही होता था, मुझे नहीं पता कि वो किस मकसद से आये थे। उन्होंने बताया कि 2007 का वर्ल्ड कप मेरे करियर का सबसे खराब दौर था।

भज्जी (Harbhajan Singh) ने कहा, “मुझे ऐसा महसूस हुआ कि यह भारत के क्रिकेट को बर्बाद करने आये है, आखिर ग्रेग चैपल (Greg Chappell) कौन है? वो ऐसे बात क्यों करता है। वह टीम को गुटों में बांटने और नेतृत्व करने की बातें क्यों कर रहे थे। मुझे नहीं पता कि उनका मकसद क्या था, वो टीम में रहकर क्या करना चाहते थे।”

उन्होंने  आगे बताया कि “2007 वेस्टइंडीज़ में आयोजित वर्ल्ड कप के लिए हमारे पास बेहतर खिलाड़ी मौजूद थे लेकिन उस वक़्त हम बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे क्योंकि किसी को भी एक दूसरे पर विश्वास नही था और ऐसी स्थिति में जब टीम के सदस्य खुश नहीं होते तो परिणाम कभी भी आपके पक्ष में नहीं आते है।”

दिग्गज स्पिनर (Harbhajan singh) बताया कि हम उस टूर्नामेंट में बांग्लादेश और श्रीलंका से हारकर बाहर हो गए थे हालांकि वे इतनी बड़ी टीम नहीं थी। भज्जी ने उसके बाद हुए 2007 टी-20 टूर्नामेंट को याद किया जिसमें भारत ने फतह हासिल की थी, उस समय भारतीय टीम में युवा खिलाड़ी होने के बावजूद भी हमारा ड्रेसिंग रूम का माहौल खुशहाल था, सभी को एक दूसरे पर भरोसा था।

यह भी पढ़े: धोनी के कोच ने सुशांत सिंह राजपूत को याद करते हुए बताए पुराने किस्से

हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने कहा, “किसी ने सपने में भी नही सोचा था कि हम साउथ अफ्रीका जाकर जीत पाएंगे लेकिन हमने ऐसा कर दिखाया, उस टीम में रोहित, रॉबिन उथप्पा, और जोगिंदर शर्मा नए चेहरे थे और मैं, युवराज सिंह, वीरू और अगरकर अनुभवी खिलाड़ी थे। लेकिन हमने विदेशी धरती पर पहला टी-20 टूर्नामेंट जीत कर सपने को साकार कर दिखाया। उस ऐतिहासिक जीत के बाद सब कुछ बदल गया था। भारत के नए कोच रॉबिन सिंह, लाल चंद राजपूत और वेंकटेश प्रसाद ने कड़ी मेहनत की टीम के माहौल में सुधार हुआ और टीम जीतने लगी थी।”

Hindi Cricket News, Dream 11 Prediction और मैच रिजल्ट्स की खबरों के लिए CRICKHABARI के टेलीग्राम चैनल को ज्वॉइन करें। हमें फेसबुकट्विटर, Pinterest, और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *