Birthday Special: एमएस धोनी के ऐसे 5 बड़े फैसले जिससे सन्न रह गई दुनिया

By | 07/07/2020

आज क्रिकेट इतिहास के सबसे कूल कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का जन्मदिन है। कैप्टन कूल ये नाम ही काफी है धोनी की पहचान बताने के लिए क्योंकि वो किसी पहचान के मुंहताज नहीं है। भारतीय क्रिकेट की कप्तानी को एक नई पहचान दिलाने वाले महेंद्र सिंह धोनी का नाम न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में आता है। भारत के लिए एमएस धोनी के नाम का न सिर्फ बल्लेबाज मिला बल्कि एक शानदार विकेटकीपर भी मिला। ऐसा विकेटकीपर न पहले देखने को मिला है और न ही मिलेगा। आज इसी लीजेंड का बर्थडे है।

साल 2004 में भारत के लिए डेब्यू करने वाले महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का जन्म 7 जुलाई 1981 को हुआ था। रांची में जन्म लेने वाले इस साधारण से बच्चे ने साधारण शब्द का मतलब अपने कठिन परिश्रम से बदल दिया। साल 2004 में 23 साल की उम्र में धोनी को टीम इंडिया से बुलावे की खबर मिली और इसके साथ ही शुरु हुआ उनकी सफलता की कहानी। विकेटकीपर बल्लेबाज के रुप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले झारखंड के इस शेर ने टीम इंडिया में अपनी ऐसी जगह बनाई जिसे खत्म कर पाना आज भी मुश्किल है। बल्ले के साथ-साथ धोनी ने विकेट के पीछे से मैदान खुद धमाल मचाया। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने मैदान पर अपने फैसले से विरोधी को चौंकाया और मैदान से बाहर फैंस को हैरान परेशान कर दिया।

कप्तान के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) फैसले लेने में महारथी थे। डीआरएस (DRS) के बादशाह धोनी बल्ले से ज्यादा विकेट के पीछे से मैच को कंट्रोल करते थे। आज उनके जन्मदिन के इस स्पेशल समय में हम उनके कुछ ऐसे फैसलों की बात करेंगे जिसने सबको चौंका दिया था चाहे वो क्रिकेट जगत के खिलाड़ी हो या फिर क्रिकेट प्रेमी।

2007 टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल…

नए नए भारत के कप्तान बने महेंद्र सिंह धोनी (MS DHoni) ने इस वर्ल्ड कप में अपनी युवा टीम के साथ मिलकर विजय का डंका बजाया था। 2007 में पहला टी-20 वर्ल्ड कप खेलने पहुंचे धोनी ने फाइनल में मैदान के सबसे बड़े विरोधी टीम पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में जीत हासिल की। इस फाइनल मैच में एक ऐसा मौका आया था जब भारतीय फैंस की सांसे अटक गई थी।

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भारतीय कप्तान ने आखिरी ओवर में मिस्बाह उल हक (Misbah-ul-Haq) के सामने ऑल राउंडर जोगिंदर शर्मा (Joginder Sharma) को गेंदबाजी का जिम्मा सौंपा ये नए नए कप्तान का नया नया एक्सपेरीमेंट था और दर्शकों की सांसें थम गई। धोनी का ये फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ और भारत ने ये मैच जीत कर विजय ट्रॉफी उठाई।

जब पूरी टीम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे धोनी…

महेंद्र सिंह धोनी को (MS Dhoni) सबसे कूल कप्तान यूं ही नहीं कहा जाता वो ऐसे फैसले भी लेते थे जो पहले किसी ने नहीं लिए। ये साल था 2009 का जब पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) और धोनी के बीच अनबन की खबरें टीवी चैनल पर जोर शोर से दिखाई जा रही थी। इंग्लैंड में खेले गए 2009 टी-20 विश्व कप से ठीक पहले हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमएस धोनी पूरी टीम के साथ पहुंच गए थे। कप्तान के इस फैलने एक बार फिर से सबको हैरानी में डाल दिया और खिलाड़ियों के बीच चल रही अनबन की खबरों पर भी पूर्णविराम लग गया।

2011 वर्ल्ड कप फाइनल में युवराज से पहले थामा बल्ला….

धोनी (MS Dhoni) ने साल 2011 वर्ल्ड कप में पूरे देश को चौंका दिया था। श्रीलंका के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल में धोनी ने युवराज सिंह (Yuvraj Singh) से पहले मैदान पर आकर एक बड़ा फैसला लिया था। धोनी को मैदान पर खतरों का खिलाड़ी कहा जाता है। वर्ल्ड कप फाइनल जैसे बड़े मंच पर उन्होंने ना सिर्फ फिनिशर होने प्रयोग किया बल्कि इस सही साबित कर भारत को शानदार छक्का लगा 28 साल बाद विश्व विजेता बनाया। इसके बाद से ही दो चीजें बिश्व प्रसिध्द हुई पहली- दोनी दुनिया के सबसे बेहतरीन फिनिशर हैं, दूसरी- उनका हेलीपॉप्टर शॉट

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बीच टेस्ट सीरीज में संन्यास का ऐलान…

महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) अपने करियर के फैसले लेने में कभी ज्यादा सोचते नहीं चाहे वह नम्बर 3 से नम्बर 7 पर खेलने का फैसला हो या फिर कप्तानी छोड़ने का फैसला। साल 2014 में धोनी ने ऐसा फैसला लिया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल 2014 में जब उनका करियर काफी अच्छा चल रहा था अचानक से उन्होंने टेस्ट से संन्यास की घोषणा कर दी। चार टेस्ट की सीरीज का तीसरा मैच खत्म होते ही उन्होंने टेस्ट को अलविदा कहना का फैसला लिया और फिर कभी सफेद जर्सी में भारत की तरफ से खेलने नहीं उतरे। धोनी के इस फैसले ने सबको हैरान कर दिया की कोई खिलाड़ी जो अपने करियर के शानदार फॉर्म में चल रहा हो वो क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट से ऐसे संन्यास कैसे ले सकता है। इसी लिए धोनी को भारतीय क्रिकेट का सबसे निस्वार्थी खिलाड़ी कहा जाता है।

वनडे और टी-20 की कप्तानी छोड़ने का अचानक फैसला…

साल 2017 में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने सबको एक बार फिर हैरान कर दिया था। भारत को अपनी कप्तानी में नई पहचान दिलाने वाले इस कप्तान ने ऐसा फैसला लिया जिसने सबको हैरान कर दिया। दो विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी दिलाने वाले कप्तान ने अचानक ही कप्तानी छोड़ने का फैसला सुना दिया। 4 जनवरी 2017 को धोनी के टी-20 और वनडे की कप्तानी छोड़ने के कदम से क्रिकेट जगत में सनसनी फैल गई थी।

खैर ये तो सिर्फ 5 ऐसे बड़़े फैसले थे जिसने हमें स्तब्ध किया था। आज भी धोनी अपने करियर को लेकर ऐसे फैसले ले रहे हैं जिससे फैंस की सांसे अटक जा रही हैं। क्रिकेट से दूर होना उनके इन्हीं फैसलो में से एक है।

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