डिप्रेशन से लड़ाई में परिवार ने दिया पूरा साथ: मोहम्मद शमी

By | 19/06/2020

डिप्रेशन से जुझ रहे बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने अपनी जिंदगी तो खत्म करली लेकिन आम लोगों को मानसिक दबाव और डिप्रेशन जैसी बीमारी पर चर्चा के लिए मजबूर कर गए। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने हाल ही में खुलासा किया था कि एक दौर था जब वह बालकनी से कूदकर आत्महत्या करना चाहते थे। अपने डिप्रेशन (Depression) के दौर का शमी ने बहुत पहले खुलासा किया था लेकिन अब उन्होंने बताया कि कैसे उनके मुश्किल समय में उनके परिवार ने उनका साथ दिया था।

ऐसे लड़ी डिप्रेशन (Depression) से लड़ाई….

मोहम्मद शमी (Mohammed Shami)के करियर के हर ऊँचे पड़ाव के साथ-साथ भारत के इस तेज गेंदबाजों ने अपने करियर में कई कठिन समय भी देखा। जब वह 2015 वर्ल्ड कप के बाद चोट से वापसी कर रहे थे तब उन्होंने 3 बार खुदकुशी करने के बारे में सोचा था। इस इंजरी और घरेलू हिंसा के आरोपों ने उनके करियर और खेल पर बहुत बुरा प्रभाव डाला। इन सभी कठिनाईयों के बावजूद शमी हमेशा क्रिकेट के मैदान पर वापसी करने में सफल रहे।

तीनों प्रारूपों में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य सदस्य रहे मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने अवसाद (Depression) के साथ अपनी लड़ाई पर बात की। जब शमी से पूछा गया कि उन्होंने अपने उस दौर से कैसे उभरकर सामने आए जिसमें वह आत्महत्या करना चाहते थे। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा “डिप्रेशन एक समस्या है जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सुशांत सिंह राजपूत जैसे शानदार अभिनेता को अपनी जान गंवाते हुए देखना दुर्भाग्यपूर्ण था। वह एक दोस्त था और मेरी इच्छा थी कि मैं उससे बात करूं, मैं उसकी मानसिक स्थिति के बारे में जानता था।”

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शमी ने कहा “मेरे मामले में, मेरे परिवार ने मुझे उस निम्न चरण से बाहर निकाला। उन्होंने मेरा ध्यान रखा और मुझे एहसास दिलाया कि मुझे वापस लड़ने की जरूरत है। कई बार मुझे आत्महत्या का अहसास हुआ, लेकिन मेरे परिवार ने सुनिश्चित किया कि मैं कभी अकेला न रहूँ। कोई न कोई तो हमेशा मेरे आसपास ही रहेगा। अध्यात्म भी आपको जवाब पाने में मदद करता है। अपने करीबी लोगों से बात करना या काउंसलिंग करना सबसे अच्छा तरीका है। हमें डिप्रेशन से लड़ने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि आत्महत्या सही रास्ता नहीं हैं।”

इस कठिन समय में टीम ने आपका समर्थन कैसे किया?

मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) से जब पूछा गया कि टॉप लेवल पर खेलते हुए आपने डिप्रेशन (Depression) से कैसे निपटा और टीम ने इस कठिन समय में आपका साथ कैसे दिया। इस सवाल के जवाब में शमी ने कहा “मानसिक दबाव निश्चित रूप से आपकी शारीरिक खेल में हस्तक्षेप करता है। उसी समय, यदि आप दूसरों की मदद लेते हैं और इसके बारे में बात करते हैं, तो आप ऐसे मुद्दों से छुटकारा पा सकते हैं।”

उन्होंने कहा “मैं भाग्यशाली था कि मुझे विराट कोहली और अन्य खिलाड़ियों के साथ टीम के सहयोगी स्टाफ की मदद मिली। हम एक परिवार की तरह हैं। मेरी टीम के साथी हमेशा जोर देकर कहते हैं कि मैंने अपना गुस्सा और हताशा मैदान पर उतार दी। मैं खुश हूं कि मेरी जिंदगी का वो कठिन चरण समाप्त हो गया।”

तीन महीने से बिना क्रिकेट के कैसे रहे?

बातचीत के दौरान मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) से पूछा गया कि पिछले तीन महीनों में आपने कैसे बिना किसी क्रिकेट के जीवन यापन किया है? इस सवाल के जवाब में शमी ने कहा “खैर, मैं इस समय अमरोहा (मुरादाबाद के पास) के सहसपुर गाँव में अपने घर पर रहा हूँ। मैंने एक छोटी अकादमी का निर्माण किया है जहाँ मैं प्रशिक्षण ले रहा हूँ। मेरा छोटा भाई मोहम्मद कैफ, जो मेरे जैसा तेज गेंदबाज भी है और बंगाल अंडर -23 टीम में भी खेलता है, मेरे साथ ट्रेनिंग करता है। मैंने टीम के फिजियो से फिटनेस शेड्यूल लिया है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मांगों के लिए फिटनेस मानकों को प्राप्त करने के लिए मैं सब कुछ कर सकता हूं। मैं भाग्यशाली रहा हूं कि खुद को फिट रखने के लिए मेरे पास अपना मैदान था।”

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही भारत के इस तेज गेंदबाज ने डिप्रेशन (Depression) में होने का खुलासा करके सबको चौंका दिया था। उन्होंने बताया था कि उन्‍होंने तीन बार सुसाइड करने के बारे में सोचा था।

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