आज ही के दिन न्यूजीलैंड को हराकर इंग्लैंड बना था विश्व विजेता, हैरान कर गया था ICC का ये नियम

By | 14/07/2020

आज ही के दिन एक साल पहले इंग्लैंड क्रिकेट टीम (England Cricket team) ने क्रिकेट के इतिहास का सबसे रोमांचक वर्ल्ड कप फाइनल मैच जीतकर ट्रॉफी उठाई थी। पिछले साल आज ही के दिन 14 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर मेजबान इंग्लैंड पहली बार विश्व विजेता बनने में कामयाब रहा था। यह मैच सांसे रोक देने वाला मैच था। इस फाइनल मैच ने न सिर्फ एक नया विश्व विजेता दिया बल्कि कई सवाल भी खड़े किए गए। क्रिकेट के इतिहास में पहली बार दर्शकों ने इस विनींग टीम की जगह रनअरअप टीम का सपोर्ट किया। पहली बार क्रिकेट बोर्ड के नियमों पर सवाल खड़े किए गए। 14 जुलाई 2019 को इंग्लैंड एक नए विजेता के रुप में उभरकर सामने आया।

न्यूजीलैंड को हराकर इंग्लैंड बना चैंपियन…

14 जुलाई 2019 को न्यूजीलैंड (New Zealand cricket team) और इंग्लैंड (England Cricket Team) के बीच वर्ल्ड कप का फाइनल मैच खेला गया। वर्ल्ड कप के इतिहास का यह पहला एसा मैच था जिसने स्टेडियम में बैठे दर्शकों और कमेंटेटर्स की सांसे रोक कर रख दी। रोमांचक की हदें पार करने वाले विश्व कप फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की टीम ने न्यूजीलैंड का सपना तोड़कर पहली बार खिताब अपने नाम किया था। लंदन के ऐतिहासिक और क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले मैदान लॉर्ड्स में वर्ल्ड कप 2019 का यह ऐतिहासिक फाइनल मैच खेला गया था।

यह भी पढ़ें:  2019 वर्ल्डकप के फाइनल मैच को सोच समय-समय पर थोड़ी पीड़ा महसूस होती है:गैरी स्टीड

न्यूजीलैंड की वर्ल्ड कप के फाइनल में यह लगातार दूसरी हार रही थी। इससे पहले वर्ल्ड कप 2015 के फाइनल में न्यूजीलैंड की टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, चौथी बार फाइनल खेलने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 40 साल से ज्यादा समय के बाद वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।

सुपर ओवर के बाद भी नहीं हुआ फैसला…

यह मैच ऐसा पहला मैच था जिसमें हार जीत का फैसला सुपर ओवर में भी नहीं हो सका। केन विलीयम्सन (Kane Williamson) के नेतृत्व में न्यूजीलैंड की टीम ने मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट पर 241 रन बनाए। जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम भी निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट पर 241 रन ही बना सकी। मैच टाई होने के बाद हार जीत के फैसले के लिए सुपर ओवर का सहारा लिया गया।

लेकिन इस सुपर ओवर ने भी दुनिया को विश्व विजेता नहीं दिया। सुपर ओवर में इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स (Ben Stokes) और जोस बटलर (Jos Buttler) ने ट्रेंट बोल्ट (Trent Boult) के सुपर ओवर में 15 रन स्कोर किए। न्यूजीलैंड की ओर से जेम्स नीशम (James Neesham) और मार्टिन गप्टिल (Martin Guptill) सुपर ओवर में जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) का सामना करने उतरे। इन दोनों ने भी 6 गेंदों में 15 रन ही बनाए और इस तरह सुपर ओवर भी टाई हो गया।

मैच और सुपर ओवर दोनों टाई होने के बाद इस मैच के विजेता का निर्णय करने के लिए आईसीसी के स्पेशल नियम का सहारा लिया गया।

आईसीसी के इस नियम के तहत चुना गया विजेता…..

न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेला यह फाइनल मैच टाई हुआ और इसके बाद सुपर ओवर इसके विजेता के निर्धारण के लिए खेला गया लेकिन ये सुपर ओवर भी एक बार टाई रहा। सुपर ओवर के टाई होने के बाद विजेता का फैसला आईसीसी (ICC) के स्पेशल नियम के तहत हुआ। जीत-हार का फैसला मैच के दौरान सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर हुआ। इस नियम के तहत जिस टीम ने सुपर ओवर के दौरान ज्यादा बाउंड्री लगाई होगी वो ही इस वर्ल्ड कप का विजेता होगा।

आईसीसी (ICC) के बाउंड्री नियम के तहत इंग्लैंड न्यूजीलैंड पर भारी पड़ी और क्रिकेट के इतिहास में पहली बार मेजबान टीम इंग्लैंड ने विजेता ट्रॉफी उठाई। लेकिन यह फाइनल मैच काफी चर्चा में रहा। इंग्लैंड ने भले ही ये मैच जीता था लेकिन दर्शकों और प्रशंसकों का दिल तो कोन विलियम्सन की न्यूजीलैंड टीम ने जीता था।

आईसीसी को हटाना पड़ा नियम…

क्रिकेट प्रेमियों को आईसीसी (ICC) का यह नियम कतई रास नहीं आया क्योंकि दोनों ही टीमों ने अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और अंत में विजेता चौके और छक्कों पर चुना गया। इस फाइनल मैच के बाद आईसीसी के नियमों पर सवाल उठ खड़े हुए थे। आखिरकार तीन महीने बाद ही (अक्टूबर 2018) आईसीसी (ICC) ने इस नियम को हटा लिया। यानी अब कोई भी टीम बाउंड्री की गिनती के आधार पर विजेता नहीं बन सकती है।

आईसीसी (ICC) ने इस विवाद के बाद यह स्पष्ट किया कहा कि “ग्रुप स्टेज में अगर सुपर ओवर टाई रहता है, तो इसके बाद मुकाबला टाई ही रहेगा। दूसरी तरफ सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में सुपर ओवर तब तक जारी रहेगा, जब तक एक टीम दूसरी टीम से ज्यादा रन नहीं बना लेती।”

मैच का टर्निंग प्वाइंट…

आपको बता दें कि इस फाइनल मैच का टर्निंग प्लाइंट रहा आखिरी ओवर में बेन स्टोक्स (Ben Stokes) के बल्ले से लगकर ओवर थ्रो जाना। आखिरी ओवर में जब इंग्लैंड को 3 गेंदों में 9 रन की जरूरत थी, तो बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ने ट्रेंट बोल्ट (Trent Boult) की फुल टॉस गेंद को डीप मिडविकेट की तरफ खेलकर दो रन के लिए भागे, लेकिन मार्टिन गप्टिल (Martin Guptill) का स्ट्राइकर एंड की तरफ फेंका गया थ्रो स्टोक्स के बैट से टकराकर ओवरथ्रो के लिए बाउंड्री के बाहर चला गया और इंग्लैंड को इस गेंद पर छह रन मिल गए। इसी 6 रन ने पूरे मैच का रुख पलट कर रख दिया।

इस क्रुशियल समय पर चार देने वाले मैदानी अंपायर कुमार धर्मसेना (Kumar Dharmasena) काफी विवादों में आए। कुमार धर्मसेना ने बाद में स्वीकार किया है कि वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड को चार देना उनकी गलती थी और उन्हें एक रन देना चाहिए था।

Hindi Cricket News, Dream 11 Prediction और मैच रिजल्ट्स की खबरों के लिए CRICKHABARI के टेलीग्राम चैनल को ज्वॉइन करें। हमें फेसबुक, ट्विटर, Pinterest, और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *