नस्लवाद सिर्फ चमड़ी के रंग तक सीमित नहीं: इरफान पठान

By | 09/06/2020

अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की पुलिस हिरासत में हुई मौत ने पूरी दुनिया को नस्लभेद (Racism) के खिलाफ एक साथ लाकर खड़ा कर दिया है। अब इस पर टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान (Irfan Pathan) ने नस्लभेद (Racism) को लेकर छिड़ी बहस पर कहा है कि भेदभाव सिर्फ चमड़ी के रंग तक सीमित नहीं है, धर्म के कारण भी लोगों को नस्लीय उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।

पठान ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा कि “नस्लवाद (Racism) सिर्फ चमड़ी के रंग तक सीमित नहीं है, किसी और धर्म का होने के कारण सोसाइटी में घर खरीदने की स्वीकृति नहीं दिया जाना भी नस्लवाद है।”

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क्रिकेट जगत में नस्लभेद (Racism) को लेकर छिड़ी बहस की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाड़ी क्रिस गेल (Chris Gayle) ने की थी। इसके बाद डैरेन सैमी (Darren Sammy) ने भी कई खुलासे किए। उन्होंने हाल ही में यह कहा कि “IPL में मुझे ‘कालू’ नाम से बुलाया जाता था। पहले मुझे इस शब्द का मतलब नहीं पता था, लेकिन जब इसका मतलब पता चला तो मुझे बहुत दुुुख हुआ।”

इरफान पठान (Irfan Pathan) ने डैरेन सैमी (Darren Sammy) के इस ट्वीट पर अपनी राय रखते हुए कहा था कि “ऐसा संभव है कि डैरेन के साथ यह बात हुई हो लेकिन हम लोगों तक ना पहुंची हो। क्योंकि इस मामले में कभी हम लोगों ने खुलकर बात नहीं की। हालांकि घरेलू क्रिकेट में ऐसी चीजें हम खिलाड़ियों के साथ होती रहती हैं।”

पठान (Irfan Pathan) ने यह भी कहा था, ”दक्षिण भारत के खिलाड़ी जब नॉर्थ इंडिया या फिर वेस्ट इंडिया में घरेलू क्रिकेट खेलने जाते हैं तो उन्हें निशाने पर लिया जाता है।” पठान ने इसकी एक वजह घरेलू क्रिकेट के दौरान कम दर्शकों का होना बताई है। उन्होंने कहा, ”जब घरेलू क्रिकेट खेलते हैं तो कम दर्शकों के बीच कोई ऐसा मिल जाता है जो चर्चा में आना चाहता है। इसी चाह में इंसान शब्दों की सीमा लांघ जाता है।”

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