B’Day Special- सुनील गावस्कर के सुनहरे करियर की चमक को फीका करती है इस पारी की याद

By | 10/07/2020

भारतीय क्रिकेट टीम के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की अगर बात होती है तो उस सूचि में ऊपर की श्रेणी में एक नाम हमेशा रहता है वो है सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) का। सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) को सनी पाजी, लिटिल मास्टर आदि नामों से भी जाना जाता है। ये वो ही गावस्कर (Sunil Gavaskar) हैं जिन्हें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) भी अपना आदर्श मानते हैं। आज उनका 71वां जन्मदिन है। इस मौके पर आज हम आपके साथ उनके रिकॉर्ड के अलावा उनके जीवन की एक ऐसी याद साझा करना चाहेंगे जब मानो मैदान पर गावस्कर ने कसम खा ली थी कि ना ज्यादा रन बनाउंगा और ना आउट होउंगा।

दरअसल साल था 1975 का और तारीख थी 7 जून, मौका था वनडे क्रिकेट के पहले विश्व कप का जहां क्रिकेट के मक्का यानी लॉर्ड्स में आमने-सामने थे भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ी। उस वक्त वनडे मैच 60 ओवर के हुआ करते थे। उसी मैच में पहले खेलते हुए इंग्लैंड ने 60 ओवर में 334 का विशाल स्कोर बना डाला। ये स्कोर आज के समय में भले काफी ना हो लेकिन वनडे क्रिकेट की शुरुआत के दिनों में ये स्कोर काफी था। इंग्लैंड की तरफ से डेनिस एमिस ने 147 बॉल खेलकर 137 रन बनाए। स्ट्राइक रेट था 93.19 और उस ज़माने के हिसाब यह बहुत अच्छा स्ट्राइक रेट था। जवाब में भारत के लिए सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ओपनिंग पर उतरे और वे पूरे 60 ओवर तक मैदान पर रहे, 174 बॉल का सामना किया लेकिन एक चौके की मदद से सिर्फ 36 रन बनाए।

ये कैसे हुआ, क्यों हुआ इसकी कई अटकलें लगी लेकिन जो हो गया सो हो गया और अंत में भारत 202 रनों से ये मैच हार गया। हालांकि बाद में गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने अपनी किताब ‘सनी डेज’ में इस पारी को अपने करियर की सबसे खराब पारी जरूर बताया। कुछ लोगों की अलग-अलग राय मानें तो कोई इस पारी को गावस्कर का चयन से नाखुश होना, वेंकराघवन को कप्तान बनाने का गुस्सा बता रहा था। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि इतने विशाल स्कोर के आगे जीतना मुश्किल था तो नेट रनरेट सही रखने के लिए गावस्कर डटे रहे।

गावस्कर के जीवन के अहम रिकॉर्ड

गावस्कर (Sunil Gavaskar) को हमेशा ही टेस्ट क्रिकेट का महान बल्लेबाज माना गया है। सुनील गावस्कर ने 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उसकी सरजमीं पर टेस्ट पदार्पण किया और अपनी पहली ही सीरीज में 774 रन बनाए। यह पदार्पण टेस्ट सीरीज में आज भी सर्वाधिक रन का विश्व रिकॉर्ड है। 774 रन के साथ गावस्कर वेस्टइंडीज के खिलाफ एक सीरीज में सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। टेस्ट क्रिकेट में 9000 और 10000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर सुनील गावस्कर थे। गावस्कर जब रिटायर हुए तो उनके नाम 10122 रन थे जो तब सर्वाधिक टेस्ट रन का विश्व रिकॉर्ड था। इसके बाद सर्वाधिक सचिन तेंदुलकर (15921) के अलावा गावस्कर के मिलाकर कुल 12 बल्लेबाजों ने ये आंकड़ा छुआ।

वहीं ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन का 29 टेस्ट शतक का विश्व रिकॉर्ड सुनील गावस्कर ने तोड़ा था। गावस्कर 34 शतक का विश्व रिकॉर्ड बनाकर 1987 में रिटायर हुए थे। बाद में 2005 में उनका यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर (51) ने तोड़ा, जिनके नाम अब भी सर्वाधिक टेस्ट शतक का विश्व रिकॉर्ड है। वैसे अब कुल पांच बल्लेबाज गावस्कर से ज्यादा टेस्ट शतक बना चुके हैं।

गावस्कर की उपलब्धि

1980 में विजडन ने गावस्कर (Sunil Gavaskar) को साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में शामिल किया था और इसी साल उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। दुनिया में जब भी टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों का जिक्र होता है तो सनी पाजी का नाम उसमें जरूर आता है। आज भी उनके और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज एलन बॉर्डर के नाम पर हर साल लगभग भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का आयोजन होता है।

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